उपायुक्त रामनिवास यादव की फोटो लगाकर बनाया व्हाट्सऐप, साइबर थाने में एफआईआर
Giridih Cyber Fraud: गिरिडीह जिले में सनसनीखेज साइबर ठगी (Cyber Fraud) का मामला प्रकाश में आया है। यहां जालसाजों ने उपायुक्त रामनिवास यादव की पहचान का दुरुपयोग किया है। जालसाजों या कहें कि ठगोंं ने डीसी रामनिवास यादव के नाम से फर्जी आईडी बनाई। सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर फोटो लगाई गई। इसके जरिए किसी खुशी रानी शर्मा से 20 हजार रुपयों की ठगी कर ली गई। इस मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही। जिला प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने आमजन को सतर्क रहने को कहा।
Giridih Cyber Fraud: फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट बनाकर मांगी रकम
शातिर ठगों ने उपायुक्त की तस्वीर का सहारा लिया। उन्होंने अनजान नंबर पर डीसी की डीपी लगाई। इसके बाद लोगों को संदेश भेजने शुरू किए। खुशी रानी शर्मा को झांसे में लिया गया। आपात स्थिति बताकर आर्थिक मदद की मांग की गई। विश्वास में आकर उन्होंने 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए। बाद में ठगी का अहसास होने पर होश उड़ गए। भुगतान संबंधी साक्ष्य पुलिस को सौंपे गए हैं। पुलिस बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन को ट्रैक कर रही। साइबर अपराधी लगातार नए हथकंडे अपना रहे हैं।
Giridih Cyber Fraud: अज्ञात साइबर अपराधियों पर मामला दर्ज
शिकायत मिलते ही साइबर थाना पुलिस हरकत में आई। अज्ञात शातिरों के खिलाफ धाराओं में केस दर्ज हुआ। पुलिस टीम ट्रांजैक्शन आईडी की जांच में जुटी है। जिस बैंक खाते में राशि गई, उसे फ्रीज कराया। अपराधियों के डिजिटल फुटप्रिंट खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा, जल्द गिरोह का पर्दाफाश होगा। साइबर सेल की तकनीकी टीम काम कर रही है। जिले में पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके। पुलिस ऐसे गिरोहों की कमर तोड़ने में जुटी है।
अधिकारियों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
घटना के बाद जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की। प्रशासन ने आम नागरिकों और कर्मचारियों से अपील की। उन्होंने कहा कि किसी अनजान नंबर पर भरोसा न करें। किसी अधिकारी के नाम से आए संदेश की पुष्टि करें। बिना सत्यापन के कोई भी राशि न भेजें। सरकारी अधिकारी कभी फोन पर पैसे नहीं मांगते। किसी भी संदिग्ध संदेश की तुरंत सूचना दें। सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का उपाय है। किसी भी लालच या दबाव में कतई न आएं।
फर्जी प्रोफाइल बनाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साइबर अपराधियों को कड़ी चेतावनी दी है। अधिकारियों के नाम और पदनाम का दुरुपयोग गैरकानूनी है। ऐसा करने वालों को किसी हाल में नहीं बख्शेंगे। पुलिस ने सोशल मीडिया कंपनियों से संपर्क साधा है। फर्जी प्रोफाइल को ब्लॉक करने की प्रक्रिया जारी है। साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर नजर रखी है। पकड़े जाने पर आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसेगा। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी में जुटी हैं।
ठगी होने पर 1930 पर तुरंत करें शिकायत
प्रशासन ने पीड़ितों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें। समय पर सूचना देने से फंसी राशि बच सकती। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराएं। लोग नजदीकी साइबर थाने में जाकर मदद ले सकते। जागरूक रहकर ही साइबर ठगों के मंसूबे नाकाम होंगे। पुलिस इस सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने में जुटी। किसी भी प्रकार की वित्तीय लापरवाही से बचना जरूरी है। समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की गई।
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