हॉस्टल के बाहर तीन दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्र, निदेशक राजीव श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप
राजधानी रांची स्थित ट्रिपल आईटी (IIIT) संस्थान में छात्र आदित्य की मौत के बाद छात्रों का गुस्सा लगातार सातवें आसमान पर है। छात्र न्याय की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से हॉस्टल के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सीधे तौर पर संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव को इस पूरी घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। छात्रों ने निदेशक के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार आवाज उठाई है। उनका कहना है कि संस्थान के भीतर लगातार बढ़ रहे अकादमिक दबाव और भारी प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज एक युवा छात्र को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस घटना के बाद से पूरे परिसर में तनाव और सनसनी का माहौल बना हुआ है।
IIIT PROTEST: बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी और मेडिकल लापरवाही पर फूटा छात्रों का गुस्सा
आंदोलन कर रहे छात्रों ने संस्थान प्रशासन की पोल खोलते हुए कई बड़े और गंभीर खुलासे किए हैं। छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल के भीतर बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। परिसर में चिकित्सा सुविधाओं की घोर कमी है और आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था हमेशा ठप रहती है। घटना के दिन की दर्दनाक दास्तां बताते हुए छात्रों ने कहा कि जिस समय आदित्य को मेडिकल मदद की जरूरत थी, उस वक्त हॉस्टल की बिजली गुल थी। बिजली न होने के कारण लिफ्ट पूरी तरह बंद पड़ी थी। मजबूरी में छात्रों को आदित्य को पांचवीं मंजिल से सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतारकर लाना पड़ा। इसके ऊपर से एम्बुलेंस मिलने में भी करीब बीस मिनट की भारी देरी हो गई, जिससे उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई।
IIIT PROTEST:14 सूत्रीय मांगें रखकर निदेशक का पुतला फूंका, दो साल से अनदेखी का लगाया आरोप
छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए अनोखा और कड़ा तरीका अपनाया। प्रदर्शनकारियों ने संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव का पुतला बनाया और उसे जूते-चप्पलों की माला पहनाकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। छात्रों का कहना है कि वे पिछले दो-तीन सालों से लगातार इन बुनियादी समस्याओं की शिकायत संस्थान प्रशासन से कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज को हमेशा अनसुना कर दिया गया। छात्रों ने अपनी चौदह सूत्रीय मांगों का एक चार्ट तैयार किया है। इन मांगों में कैंपस के भीतर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं बहाल करने, इमरजेंसी मेडिकल सिस्टम को दुरुस्त करने और प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग शामिल है।
IIIT PROTEST:बोर्ड चेयरमैन के आश्वासन को नकारा, छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक इस्तीफा नहीं मिलेगा आंदोलन रहेगा जारी
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया और बताया कि मंत्रालय की तरफ से एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति दो सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपेगी। हालांकि, छात्रों ने प्रशासन के इस आश्वासन को सिरे से खारिज कर दिया है। छात्रों ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि निदेशक का इस्तीफा चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है। वे अपने साथी आदित्य को न्याय दिलाने और संस्थान की व्यवस्था को सुधारने के लिए तब तक डटे रहेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
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