बावैदा गांव में खूनी वारदात, सेवा करने आयी थीं बहनें, स्वरूप टुडू ने थाने में किया सरेंडर
Dhalbhumgarh Double Murder: पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात हुई है। बावैदा गांव में युवक ने दो सगी बहनों की हत्या कर दी। उसने कुल्हाड़ी से वार कर दोनों को मार डाला। दोनों बहनें बीमार भाई की देखभाल करने आयी थीं। वारदात के बाद आरोपित स्वरूप टुडू उर्फ चिंटू थाने पहुंचा। उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
Dhalbhumgarh Double Murder: सो रही बहनों पर कुल्हाड़ी से किया जानलेवा वार
यह दिल दहला देने वाली घटना रविवार देर रात की है। आरोपित स्वरूप टुडू अपने घर में अकेला रहता था। वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा था। उसकी देखरेख के लिए दोनों बड़ी बहनें मायके आयी थीं। मृतका दुलारी सोरेन 55 वर्ष की थीं। वहीं दूसरी बहन लक्ष्मी मंडी 50 वर्ष की थीं। रविवार रात दोनों बहनें गहरी नींद में सो रही थीं। तभी स्वरूप टुडू ने कुल्हाड़ी उठाई। उसने सोती हुई दोनों बहनों पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। दोनों की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
Dhalbhumgarh Double Murder: बीमारी ठीक कराने के लिए चुनूडीह से बुलाया था ओझा
ग्रामीणों के अनुसार स्वरूप टुडू लंबे समय से अस्वस्थ था। दवा से लाभ नहीं मिलने पर वह झाड़-फूंक में पड़ गया। उसने ओझा को अपने घर बुलाया था। ओझा घाटशिला के चुनूडीह का रहने वाला था। रविवार रात घर में विशेष पूजा रखी गई थी। लक्ष्मी मंडी के पति सूरजु मांडी को भी बुलाया गया था। लेकिन वह इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। आशंका है कि ओझा-गुनी के चक्कर में ही यह हत्या हुई।
बासाझोर और चढ़ईगोड़ा की रहने वाली थीं दोनों मृत बहनें
मृतका लक्ष्मी मंडी बासाझोर गांव की निवासी थीं। वहीं दुलारी सोरेन घाटशिला के चढ़ईगोड़ा में रहती थीं। यह गांव आसना पंचायत के अंतर्गत आता है। बहनें बीमार भाई की सेवा करने बावैदा आयी थीं। उन्हें अपनी मौत का तनिक भी अंदेशा नहीं था। परिवार में कुल दो भाई और तीन बहनें थीं। आरोपित के बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। वहीं तीसरी बहन की शादी उसी गांव में हुई है।
थाने पहुंचकर किया सरेंडर, पुलिस ने कुल्हाड़ी की बरामद
वारदात के बाद रातभर आरोपित शवों के पास बैठा रहा। सोमवार की सुबह वह सीधे धालभूमगढ़ थाने पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि उसने दोनों बहनों को मार डाला है। उसकी बात सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई। थाना प्रभारी धीरज कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ बावैदा पहुंचे। पुलिस ने मौके से दोनों शव बरामद किए। हत्या में प्रयुक्त खून से सनी कुल्हाड़ी भी जब्त कर ली गई है।
थाना प्रभारी धीरज कुमार मिश्रा ने शुरू की गहन जांच
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी धीरज कुमार मिश्रा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। ओझा-गुनी और अंधविश्वास के कोण पर भी पड़ताल जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की असली वजह क्या थी। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
Read also: Karim City College: कशिश सिंह प्री-रिपब्लिक डे कैंप के लिए चयनित


