spot_img
spot_img
Homeबड़ी खबरेंUPI Protest: सरचार्ज के विरोध में दुकानों से QR Code हटाने का...

Related Posts

UPI Protest: सरचार्ज के विरोध में दुकानों से QR Code हटाने का फैसला

बैठक में फैसला, नकद भुगतान को प्राथमिकता देंगे व्यापारी

Indore UPI Protest: यूपीआई सरचार्ज के खिलाफ व्यापारी भड़के। इंदौर में व्यापारियों ने बड़ा ऐलान किया है। अहिल्या चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने बैठक की। इसमें क्यूआर कोड हटाने का फैसला हुआ। अब दुकानों में नकद लेनदेन पर जोर रहेगा। एमडीआर शुल्क पर पुनर्विचार की मांग उठी। व्यापारियों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही। शहर के बाजार में विरोध तेज हो गया है।

UPI Protest: अहिल्या चैंबर्स की बैठक में जमकर नारेबाजी

शुक्रवार को अहिल्या चैंबर्स के पदाधिकारी एकत्र हुए। बैठक की अध्यक्षता रमेश खंडेलवाल ने की। दर्जनों व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए। सभी ने अतिरिक्त शुल्क पर गहरी चिंता जताई। व्यापारियों ने बैठक में जोरदार नारे लगाए। ‘यूपीआई सरचार्ज हाय-हाय’ के नारे गूंजे। व्यापारियों ने कहा कि सरचार्ज किसी हाल में बर्दाश्त नहीं। नए नियम से व्यापार की लागत बढ़ जाएगी। इससे कारोबारियों के सामने संकट खड़ा होगा। सरकार को अपनी नीति पर फिर सोचना चाहिए।

UPI Protest: बैंकों की भरपाई व्यापारियों से करना गलत

चैंबर अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने खरी-खरी बात कही। उन्होंने कहा कि हमारा विरोध नीतियों से नहीं है। हम सिर्फ अतिरिक्त शुल्क का विरोध कर रहे। व्यापारी हमेशा देश के साथ खड़ा रहा है। लेकिन बैंकों की खातिर व्यापारियों पर बोझ गलत है। महंगाई से कारोबार पहले ही मंदा चल रहा। ऐसे में नया अधिभार कमर तोड़ देगा। डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। शुल्क लगाने से डिजिटल अभियान को झटका लगेगा। व्यापारी संगठन इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करेंगे।

पांच दिन बाजारों में चलेगा सघन जनसंपर्क अभियान

अक्षय जैन ने आंदोलन की रूपरेखा रखी। वे इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। वे अहिल्या चैंबर्स के संयुक्त सचिव भी हैं। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को विरोध हुआ था। उस दिन नो यूपीआई डे मनाया गया था। अब आंदोलन का अगला चरण शुरू हो रहा। पांच दिनों तक बाजारों में संपर्क अभियान चलेगा। नेता शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में जाएंगे। दुकानदारों को सरचार्ज के नुकसान बताए जाएंगे। सभी व्यापारियों को एक मंच पर लाया जाएगा।

क्यूआर कोड हटाकर नकद लेन-देन को देंगे बढ़ावा

व्यापारियों ने दुकानों से क्यूआर कोड हटाने की ठानी। अतिरिक्त शुल्क लागू होने पर बारकोड हटा दिए जाएंगे। ग्राहक से केवल नकद भुगतान लिया जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि यह उनकी मजबूरी है। डिजिटल व्यवस्था में अतिरिक्त लागत क्यों जोड़ी जा रही। इससे छोटे दुकानदारों की परेशानी बढ़ जाएगी। संगठन ने शुल्क प्रस्ताव को रद्द करने की मांग दोहराई। जनसंपर्क के बाद आंदोलन को और धार मिलेगी। आगे की रणनीति व्यापक समर्थन पर तय होगी।

छोटे और मध्यम कारोबारियों के मुनाफे पर सीधा प्रहार

प्रस्तावित शुल्क से छोटे कारोबारियों पर बुरा असर पड़ेगा। किराना और कपड़ा व्यापारियों का मुनाफा बेहद सीमित है। अतिरिक्त कटौती से उनकी बचत खत्म हो जाएगी। ग्राहक भी डिजिटल भुगतान से बचने लगेंगे। इससे बाजार में नकदी का चलन फिर बढ़ेगा। चैंबर्स ने साफ किया कि लड़ाई जारी रहेगी। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो दुकानें बंद होंगी। पूरे शहर के व्यापारी एकजुट हो चुके हैं। प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की गई।

इसे भी पढ़ें : बेलडीह कालीबाड़ी में दुर्गा पूजा 2026 की भव्य तैयारी! आनंद मेला से धुनुची नृत्य तक पूरा कार्यक्रम

Latest Posts